राजस्थान में भीषण गर्मी से जूझ रहे लोगों के लिए राहतभरी खबर सामने आ रही है। मौसम विभाग के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार इस बार राजस्थान में मानसून तय समय से पहले दस्तक दे सकता है। आमतौर पर प्रदेश में मानसून 25 जून के आसपास प्रवेश करता है, लेकिन इस बार इसके करीब 5 दिन पहले पहुंचने की संभावना जताई जा रही है। यदि ऐसा होता है तो प्रदेशभर में लोगों को भीषण गर्मी और लू से राहत मिल सकती है।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार अरब सागर और बंगाल की खाड़ी में बन रही अनुकूल मौसमी परिस्थितियों के कारण मानसून की रफ्तार तेज बनी हुई है। रिपोर्ट्स के मुताबिक मानसून 1 जून से पहले केरल तट पर पहुंच सकता है। इसके बाद राजस्थान समेत उत्तर भारत के कई राज्यों में मानसून सामान्य समय से पहले सक्रिय हो सकता है। मौसम विभाग का कहना है कि इस बार प्री-मानसून गतिविधियां भी काफी मजबूत दिखाई दे रही हैं, जिससे जून के शुरुआती दिनों में कई जिलों में आंधी और हल्की बारिश देखने को मिल सकती है।
राजस्थान के कई शहरों में पिछले कुछ दिनों से तापमान 44 से 46 डिग्री सेल्सियस के बीच रिकॉर्ड किया गया है। जयपुर, जोधपुर, बीकानेर, कोटा और बाड़मेर जैसे इलाकों में गर्म हवाओं ने लोगों का हाल बेहाल कर दिया है। दिन के समय सड़कों पर सन्नाटा दिखाई दे रहा है और लोग घरों में रहने को मजबूर हैं। ऐसे में मानसून की जल्दी एंट्री की खबर लोगों के लिए बड़ी राहत लेकर आई है।
विशेषज्ञों का मानना है कि समय से पहले मानसून आने का सबसे बड़ा फायदा किसानों को मिलेगा। खरीफ फसलों की बुवाई समय पर शुरू हो सकेगी और खेतों में नमी बनी रहेगी। अच्छी बारिश होने से बाजरा, मूंग, उड़द, सोयाबीन और मक्का जैसी फसलों को फायदा मिलने की उम्मीद है। इसके अलावा प्रदेश के बांधों और जलाशयों में पानी का स्तर भी बढ़ सकता है, जिससे पानी की समस्या से जूझ रहे कई जिलों को राहत मिलेगी।
हालांकि मौसम विभाग ने लोगों को अभी भी सतर्क रहने की सलाह दी है। विशेषज्ञों के अनुसार मानसून आने से पहले प्रदेश में तेज आंधी, धूलभरी हवाएं और बिजली गिरने जैसी घटनाएं भी हो सकती हैं। लोगों को दोपहर के समय घर से बाहर निकलने से बचने और पर्याप्त मात्रा में पानी पीने की सलाह दी गई है।
पिछले कुछ वर्षों के आंकड़ों को देखें तो राजस्थान में मानसून का असर लगातार बदलता दिखाई दिया है। कभी सामान्य से कम बारिश हुई तो कभी कई जिलों में बाढ़ जैसी स्थिति भी देखने को मिली। लेकिन इस बार मौसम विभाग ने सामान्य से अच्छी बारिश की संभावना जताई है। यदि यह पूर्वानुमान सही साबित होता है तो प्रदेश में खेती, जलस्तर और मौसम तीनों मोर्चों पर राहत देखने को मिल सकती है।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार अरब सागर और बंगाल की खाड़ी में बन रही अनुकूल मौसमी परिस्थितियों के कारण मानसून की रफ्तार तेज बनी हुई है। रिपोर्ट्स के मुताबिक मानसून 1 जून से पहले केरल तट पर पहुंच सकता है। इसके बाद राजस्थान समेत उत्तर भारत के कई राज्यों में मानसून सामान्य समय से पहले सक्रिय हो सकता है। मौसम विभाग का कहना है कि इस बार प्री-मानसून गतिविधियां भी काफी मजबूत दिखाई दे रही हैं, जिससे जून के शुरुआती दिनों में कई जिलों में आंधी और हल्की बारिश देखने को मिल सकती है।
राजस्थान के कई शहरों में पिछले कुछ दिनों से तापमान 44 से 46 डिग्री सेल्सियस के बीच रिकॉर्ड किया गया है। जयपुर, जोधपुर, बीकानेर, कोटा और बाड़मेर जैसे इलाकों में गर्म हवाओं ने लोगों का हाल बेहाल कर दिया है। दिन के समय सड़कों पर सन्नाटा दिखाई दे रहा है और लोग घरों में रहने को मजबूर हैं। ऐसे में मानसून की जल्दी एंट्री की खबर लोगों के लिए बड़ी राहत लेकर आई है।
विशेषज्ञों का मानना है कि समय से पहले मानसून आने का सबसे बड़ा फायदा किसानों को मिलेगा। खरीफ फसलों की बुवाई समय पर शुरू हो सकेगी और खेतों में नमी बनी रहेगी। अच्छी बारिश होने से बाजरा, मूंग, उड़द, सोयाबीन और मक्का जैसी फसलों को फायदा मिलने की उम्मीद है। इसके अलावा प्रदेश के बांधों और जलाशयों में पानी का स्तर भी बढ़ सकता है, जिससे पानी की समस्या से जूझ रहे कई जिलों को राहत मिलेगी।
हालांकि मौसम विभाग ने लोगों को अभी भी सतर्क रहने की सलाह दी है। विशेषज्ञों के अनुसार मानसून आने से पहले प्रदेश में तेज आंधी, धूलभरी हवाएं और बिजली गिरने जैसी घटनाएं भी हो सकती हैं। लोगों को दोपहर के समय घर से बाहर निकलने से बचने और पर्याप्त मात्रा में पानी पीने की सलाह दी गई है।
पिछले कुछ वर्षों के आंकड़ों को देखें तो राजस्थान में मानसून का असर लगातार बदलता दिखाई दिया है। कभी सामान्य से कम बारिश हुई तो कभी कई जिलों में बाढ़ जैसी स्थिति भी देखने को मिली। लेकिन इस बार मौसम विभाग ने सामान्य से अच्छी बारिश की संभावना जताई है। यदि यह पूर्वानुमान सही साबित होता है तो प्रदेश में खेती, जलस्तर और मौसम तीनों मोर्चों पर राहत देखने को मिल सकती है।